Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 29, Verse 3
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 29, verse 3 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
बलिः प्रबुद्ध एवासौ यावन्नायान्ति दानवाः ।
तावत्संचिन्तयामास समाधिसदने क्षणम् ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
जागते ही बलि ने जब तक दावन उसके निकट नहीं आये तब तक समाधि भवन में क्षण भर विचार
किया