Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 32, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 32, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
तत एनं महादेवं पूजयिष्याम्यहं पुनः ।
पूजया बाह्यसंभोगमहत्या बहुरत्नया ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
इन पूजनीय देवाधिदेव की बाहरी उपकरणों
से विस्तृत तथा बहुत रत्नों से पूर्ण पूजा से फिर बाह्य पूजा करूँगा