Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 34, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 34, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
अनेन चेतनेनेमे सर्वे घटपटादयः ।
सूर्यान्ता अवभास्यन्ते दीपेनोत्तमतेजसा ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार परिशुद्ध त्वपदार्थ का विचारकर उसके द्वारा ही तत्पदार्थ का भी शोधन करके उसको
समझाने के लिए भूमिका बोधते है।
अन्य निरपेक्ष होने के कारण उत्तम तेजरूप इस चेतनरूप दीपक से ही घट-पट आदि सूर्यपर्यन्त
ये सब पदार्थ प्रकाशित होते हैं