Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 34, Verse 49
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 34, verse 49 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 49
संस्कृत श्लोक
स्वलीलार्थमिदं चारु जगदाडम्बरं ततम् ।
मयाभिजातबालेन पङ्कक्रीडनकं यथा ॥ ४९ ॥
हिन्दी अर्थ
सुन्दर बालकरूप मैंने इस सुन्दर जगद्रूपी आडम्बर का मिट्टी के खिलौने के समान
अपनी क्रीडा के लिए विस्तार किया है