Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 37, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 37, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 37 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
परानन्ददशैकान्तपरिणामितया तया ।
निरानन्दं पराभासमिवाभासपदं गतः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
उस भूमा की दशा में अत्यन्त परिणति से प्रह्लाद जिसमें आनन्द का लेश नहीं
ओर परमात्मा का आभास नहीं ऐसी मरणावस्था को प्राप्त हुआ-सा लोगों को प्रतीत हुआ