Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 39, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 39, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 39 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
वैनतेयासनस्थोऽसौ लक्ष्मीविधुतचामरः ।
स्वायुधादिपरीवारो देवर्षिमुनिवन्दितः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवान् गरुडरूपी
आसन पर बैठे थे, श्रीलक्ष्मीजी उन पर चँवर डला रही थी, शंख, चक्र, गदा, आदि आयुध आदि उनके
परिवार थे ओर देवर्षि ओर मुनि उनकी स्तुति कर रहे थे