Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 41, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 41, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
श्रीभगवानुवाच ।
उत्तिष्ठ दानवाधीश सिंहासनमुपाश्रय ।
यावदाश्वभिषेकं ते स्वयमेव ददाम्यहम् ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
हे दानवराज उठो, सिंहासन पर बैठो, मैं स्वयं अपने हाथों से
शीघ्र तुम्हारा राज्याभिषेक करता हूँ