Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 41, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 41, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
यथेच्छयैवामलया केवलं स्वयमुत्थया ।
एवमेवाहमवसं वितते पावने पदे ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
तब तुम्हारी समाधि का हेतु क्या है ? ऐसा यदि प्रश्न हो तो विचार से उत्पन्न विश्रान्ति की इच्छा
ही मेरी समाधि में हेतु है, ऐसा कहते है ।
अपने-आप उत्पन्न हुई निर्मल यथेच्छा से ही देहत्याग आदि के संकल्प के बिना ही विस्तृत पावन
पद में मैं स्थित हुआ हूँ