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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 45, Verse 42

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 45, verse 42 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 45 · श्लोक 42

संस्कृत श्लोक

तादृशं तमुपाजग्मुः परिवारसमन्विताः । सर्वाः प्रकृतयः फुल्लं मार्गद्रुममिवाध्वगाः ॥ ४२ ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार के उसके पास जैसे फूले हुए मार्ग के वृक्ष के समीप पथिक जाते हैँ वैसे ही परिवार युक्त सब प्रकृतियाँ आई