Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 46, Verse 27
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 46, verse 27 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 27
संस्कृत श्लोक
क्रूरकर्मकराकारात्संगताशुभदायिनः ।
तस्माद्विशेषेण जना राक्षसादिव दुद्रुवुः ॥ २७ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे लोग राक्षस से भयभीत होकर भागते हैं वैसे ही
क्रूर कार्यकारी आकारवाले तथा संगति से अशुभ फल देनेवाले उससे भयभीत होकर लोग विशेषरूप से
भागते थे