Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 49, Verse 19
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 49, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
इत्युक्त्वा भगवान्विष्णुर्जगामान्तर्धिमीश्वरः ।
अतिष्ठत्कन्दरे गाधिराधिपीवरया धिया ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
ऐसा कह कर सबके अधिपति भगवान् विष्णु अन्तर्हित हो गये ओर चिन्ता से व्याप्त बुद्धि से युक्त
गाधि कन्दरा मेँ जा बैठे