Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 51, Verse 42

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 51, verse 42 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 51 · श्लोक 42

संस्कृत श्लोक

कदाचिदुदितार्काभं तेजो दृष्ट्वान्तरे मनः । विषयोन्मुखतां यातं तस्य तामरसेक्षण ॥ ४२ ॥

हिन्दी अर्थ

हे कमलनयन, कभी उनका मन हृदयाकाश मेँ उदित हुए सूर्य के सदृश तेज को ([--)) देखकर विषयों में उन्मुख हो गया