Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 52, Verse 41
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 52, verse 41 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 52 · श्लोक 41
संस्कृत श्लोक
स्पन्दो हि वातशक्तीनामवबोधो महाचितः ।
जरा मृतिश्च कायेऽस्मिन्कोऽसावहमिति स्थितः ॥ ४१ ॥
हिन्दी अर्थ
स्पन्दनांश सारा का सारा प्राणवायुओं का है, ज्ञानांश परमात्मा का
है, बुढापा ओर मरण देह के धर्म हैं, यह "अहम् रूप से स्थित पदार्थ कोन है ?