Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, Verse 60
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 53, verse 60 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
एवं मिथो दुःखदयोः श्लिष्टयोः कः सुखागमः ।
एतयोर्देहमनसोर्जात्यैवातिविरुद्धयोः ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
इस प्रकार परस्पर एक दूसरे को दुःख देनेवाले तथा स्वभाव से ही अत्यन्त विरुद्ध इन मन और
शरीर के संगत होने पर सुख की प्राप्ति कैसे हो सकती है ?