Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, Verse 17
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 61, verse 17 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 17
संस्कृत श्लोक
ततःप्रभृति पर्णादनामा राजर्षिसत्तमः ।
जम्बूद्वीपे बभूवासौ विख्यातो मुनिसद्मसु ॥ १७ ॥
हिन्दी अर्थ
तभी से लेकर जम्बूद्वीप
में पर्णाद नाम का यह उत्तम राजर्षि मुनियों के मण्डल में अत्यन्त विख्यात हुआ