Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 68, Verse 29
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 68, verse 29 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 68 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
धत्ते शारीरयन्त्रौघमन्या भुवनसंततिः ।
वन्द्यसंसक्तिवशतो जरामृतिविवर्जितम् ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, संसार में अहन्ताध्यास ही
समस्त प्राणियों के जरा, मरण और मोहरूपी वृक्षों का उपादान कारण यानी मूल कारण है