Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 25
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 69, verse 25 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 25
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हिन्दी अर्थ
इरी
वन्द्या संसक्ति की सामर्थ्य से भगवान् सूर्यनारायण आकाशमार्ग मे किसी प्रकार का अवलम्बन लिए
बिना प्रतिदिन निरन्तर संचरण किया करते हैं