Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 75, Verse 66

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 75, verse 66 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 75 · श्लोक 66

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

अवहेलना से यानी असत्यत्वबुद्धि से विषयों को देख रहा मृदु, दमनशील तथा समस्त चिन्ता आदि ज्वरों से विनिर्मुक्त तत्त्ववित्‌ सब भूतां में अन्तरात्मस्वरूप से स्थित आत्मपद का ही अवलम्बन कर अवस्थित रहता है