Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 83, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 83, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 83 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
कासश्वासरणद्भृङ्गा कलेवरजरद्द्रुमे ।
विकसत्यमलोद्योता जरामरणमञ्जरी ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
पद्मासन बोधकर, पैर के तलवों के मूल के ऊपरी भाग पर हाथ की अँगुलियों को रखकर
तथा अपनी ग्रीवा को ऊँची तान कर उस प्रकार निश्चल होकर बैठे, जिस प्रकार निश्चल श्रृंग
(शिखर)