Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 87, Verse 52
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 87, verse 52 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 87 · श्लोक 52
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हिन्दी अर्थ
आप लोगों के साथ ही मैंने नगरों में और सिद्धों
के क्षेत्रों में क्रीडा की, पर्वतों में निवास किया, कार्यो के विलासों में स्थिति की और विविध प्रकार के
मार्गो में प्रस्थान किया