Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 88, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 88, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 88 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
एवंप्रकारया चार्व्या स्वविचारणयेद्धया ।
तत्त्वमालोक्य तत्सारमातिष्ठोत्तिष्ठ राघव ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर आकाश-मण्डल में चक्षु द्वारा दिखाई पडनेवाले तमो भाग की नाई चिदाकाश में
साक्षी के द्वारा सिद्ध तथा प्रकाशित हो रहे तमोमात्र को (अविद्या के तामस वृत्ति-विशेष को) ऐसे त्याग
दिया, जैसे बुद्धिमान् क्रोधांश को त्याग देता है