Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 9, Verse 42
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 9, verse 42 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 9 · श्लोक 42
संस्कृत श्लोक
जायन्ते च म्रियन्ते च प्राकृताः क्षुद्रजन्तवः ।
धरा तैरेव नीरन्ध्रा दुर्लभाः साधुसाधवः ॥ ४२ ॥
हिन्दी अर्थ
अज्ञान से विमोहित क्षुद्र प्राणी उत्पन्न होते हैं और मरते हैं । पृथ्वी इन्हीं लोगों से निबिड है । उत्तम
महात्मा लोग दुर्लभ हैं