Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 61

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 90, verse 61 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 61

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

इस युक्ति से हजारों बरसों तक योगियों के शरीर इस लोक में मेघों की नाई न तो क्लिन्न (गीले) होते हैं और न भूगर्भस्थित शिला की नाई विशीर्णं होते हैं