Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, Verse 19

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 92, verse 19 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

उपशम प्रकरण · सर्ग 92 · श्लोक 19

संस्कृत श्लोक

चिरकालोपरचिता अप्येते सुधियापि च । एकशः परमभ्येतुं न शक्ताः सैनिका इव ॥ १९ ॥

हिन्दी अर्थ

श्रीरामजी, प्राण -स्पन्दन से बोध को प्राप्त हुई संवित्‌ देहो में चक्राकार आवर्तो से उस प्रकार प्रस्फुरित होती है, जिस प्रकार करतल से विताड़ित गेंद आँगन में चक्राकार आवर्त से प्रस्फुरित होता है