Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, Verse 90
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उपशम प्रकरण, सर्ग 92, verse 90 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उपशम प्रकरण · सर्ग 92 · श्लोक 90
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हिन्दी अर्थ
हे राघव, अपने आपसे अपना उत्पादन कर ओर
अपने आपसे ही अपने को बार-बार मोहित कर तदनन्तर हृदयस्थ आत्मतत्त्व को जान रही संवित्
स्वयं अपने को मोक्ष की ओर ले जाती है, यह बात विद्वानों के अनुभव से प्रसिद्ध है