Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 1, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 1, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 1 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
मुक्ताजालकलापान्तर्गतास्वन्तरभूमिषु ।
कचत्यपगतस्पन्दं तोये श्रोतुमिवास्थिते ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामचन्द्रजी, मोक्षोपाय के उपदेश के सिद्धान्त को यानी ब्रह्मनिष्ठारूप
अखण्डाकार बोध को प्राप्त किये बिना आप इन प्रश्नों के उत्तर सुनने के लिए पर्याप्त योग्य नहीं होगे