Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 109, Verse 61
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 109, verse 61 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 109 · श्लोक 61
संस्कृत श्लोक
विदेहतां प्रयास्यामः प्रभो कालेन केनचित् ।
शिखिध्वज उवाच ।
वयमाद्यन्तमध्येषु कीदृशास्तरले वद ॥ ६१ ॥
हिन्दी अर्थ
तस्मादाद्यन्तमध्येषु” इस उक्ति के अथन्तिर की भी संभावना कर रहे राजा शिखिध्वज जिज्ञासु
होकर पूछते हैं।
राजा शिखिध्वज ने कहा : हे चंचले, प्रारब्धभोग के आदि, मध्य ओर अन्त में हम लोग किस तरह
के हैं और अवशिष्ट प्रारब्ध का भोग द्वारा विनाश कर किस तरह से स्थित रहेंगे, यह कहो