Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 19, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 19, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 19 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
अथ ता गर्भधारिण्यो बभूवुरतितोषिताः ।
देव्यश्च कृतनृत्यास्ताः सुप्रशान्तमथाययुः ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
रति से तृप्त
हुई उन हँसियों ने गर्भधारण किया ओर वे देविर्यो उत्सव -कार्य सम्पादित हो जाने के अनन्तर अपनी
ही माया का विलास समझकर क्रोध न करनेवाले महादेवजी के पास पहुँची