Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 2, Verse 4
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 2, verse 4 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 2 · श्लोक 4
संस्कृत श्लोक
रामलक्ष्मणशत्रुघ्ना उत्थायानुचरैः सह ।
ययुर्वन्दितसंध्यास्ते पुण्यं वासिष्ठमाश्रमम् ॥ ४ ॥
हिन्दी अर्थ
श्रीरामजी, लक्ष्मण तथा शत्रुघ्न अपने-अपने
अनुचरो के साथ उठकर स्नान, सन्ध्या आदि कर्मो का अनुष्ठान करके महामुनि श्रीवसिष्ठजी के
आश्रम पर चले गये