Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 28, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 28, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 28 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
अहो भुशुण्डचरितं परं विस्मयकारकम् ।
भगवन्भवता प्रोक्तमुत्तमार्थावबोधनम् ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
भगवन्, उत्तम अर्थ का अवबोधक तथा आश्चर्यजनक सर्वश्रेष्ठ भुशुण्ड का
चरित्र जो आपने कहा, उससे अहा ! मुझे अत्यन्त हर्ष हुआ