Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 29, Verse 59
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 29, verse 59 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 29 · श्लोक 59
संस्कृत श्लोक
यत्करोति यदादत्ते देहयन्त्रमिदं चलम् ।
वातरज्जुयुतं राम तदहंकारचेष्टितम् ॥ ५९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, सूत्रात्मा प्राण से संयुक्त यह चंचल
देहरूपी यन्त्र जो कुछ करता एवं जो कुछ लेता है, वह सब अहंकार का ही कृत्य है