Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 29, Verse 90
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 29, verse 90 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 29 · श्लोक 90
संस्कृत श्लोक
पुष्पार्थं स्यूतपुटिकः पुस्तकव्यूहसंग्रही ।
एवंगुणविशिष्टस्य कैलासवनकुञ्जके ॥ ९० ॥
हिन्दी अर्थ
हे श्रीरामजी, उस तरह के गुणों से सम्पन्न कैलासवन के कुंजों में
तपश्चर्या कर रहे मेरा बहुत समय व्यतीत हो गया