Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 37, Verse 16
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 37, verse 16 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 37 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
ज्ञानशक्तिः क्रियाशक्तिः कर्तृताऽकर्तृतापि च ।
इत्यादिकानां शक्तीनामन्तो नास्ति शिवात्मनः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
इश्वर का असाधरण शक्ति- भेद बतलाकर अव जीवसाधारण शक्ति-भेद बतलाते हैं।
ज्ञानशक्ति, क्रियाशक्ति, प्रवृत्तिशक्ति ओर निवृत्तिशक्ति-इस प्रकार सामान्यतः गिनती होने
पर भी सदाशिवस्वरूप परमात्मा की इन शक्तियों का अन्त नहीं है यानी प्रत्येकरूप से उनकी गिनती
नहीं की जा सकती । (इसी से चतुर्थ प्रश्न का भी उत्तर हो गया, यह जान लेना चाहिए)