Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 37, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 37, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 37 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
स्वसत्ताप्रतिबिम्बाभमाकाशमुकुरोदरे ।
धत्ते कल्पनिमेषाङ्कं कालाख्यममलं वपुः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
यही शक्ति महाकाश रूप दर्पण के अन्दर अपनी सत्ता के प्रतिबिम्ब के सदूश कल्प-निमेषनामक
निर्मल कालात्मक शरीर धारण करती है