Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 81, Verse 91
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 81, verse 91 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 81 · श्लोक 91
संस्कृत श्लोक
अग्निर्नष्टतया शैत्यादसावेव प्रयाति यत् ।
विनाशपरिणामेन तदग्निः सोमकारणम् ॥ ९१ ॥
हिन्दी अर्थ
अभावपरिणाम से भी उसका उदाहरण देते हैं।
नष्ट होने से शीतता को प्राप्त होने के कारण वही अग्नि जो वायुरूपता को प्राप्त होती है वहाँ भी
विनाशरूप परिणाम से अग्नि ही चन्द्र का कारण है (&)