Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 9, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध), सर्ग 9, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 9 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
ऋषयो मुनयः सिद्धा नागा विद्याधराः सुराः ।
इति भागमविद्यायाः सात्त्विकं विद्धि राघव ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
पहले विभाग में सत्त्तांश का उदाहरण देते हैं।
भद्र, ऋषि, मुनि, सिद्ध (देवयोनिविशेष), नाग, विद्याधर, देवता-ये अविद्या के सात्तिविक अंशस्वरूप
हैं, यह आप जानिए