Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 13, Verse 29
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 13, verse 29 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 13 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
एवं पौत्रसहस्राणि समतीतानि सुन्दर ।
तत्राद्यापि सुरेशस्य येषां राज्ये स्थितोंऽशकः ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे सुन्दर, इस तरह उस सुरेश के हजारों पुत्र-पौत्र आदि हो गये ।
आज भी उनके उस राज्य में अंशक नाम का राजा राजसिंहासन पर स्थित है