Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 198, Verses 13–14
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 198, verses 13–14 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 198 · श्लोक 13,14
संस्कृत श्लोक
TODO
TODO
हिन्दी अर्थ
जैसे वैवधिकों में से किन्हीं को वन से चन्दन की कीमती लकड़ियाँ मिलीं, किन्हीं को चिन्तामणि नाम
की उत्तम मणि मिली ओर किन्हीं को सामान्य रत्न मिले वैसे ही शास्त्र आदि में प्रवृत्त होनेवालों मेँ से
किन्हीं को काम की प्राप्ति होती है ओर किन्हीं को धर्म, अर्थ और काम तीनों मिलते हैं एवं कोई शास्त्र
से पूर्ण मोक्ष को प्राप्त होते हें