Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 35, Verse 39
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 35, verse 39 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 35 · श्लोक 39
संस्कृत श्लोक
भूतानां वर्तमानानां सर्गाणां संभविष्यताम् ।
एषोऽकारणकं बीजं सर्गाणामिव कारणम् ॥ ३९ ॥
हिन्दी अर्थ
जैसे भौतिक
सृष्टियों के कारण पंचभूत हैं, वैसे ही स्वयं कारणशून्य यह चिद्-रूप परमात्मा भूत,भविष्य एवं
वर्तमान सृष्टियों का कारण है