Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 65, Verse 6
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 65, verse 6 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 65 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
सा स्त्री यानुगता भर्त्रा सा श्रीर्यानुगता सता ।
सा धीर्या मधुरोदारा साधुता समदृष्टिता ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
वही स्त्री स्त्री है, जो अपने पति से अनुगत हो, वही
श्री श्री है, जो सज्जनं से अनुगत हो तथा वही बुद्धि, वही साधुता साधुता और वही
समदृष्टिता समदृष्टिता है, जो शान्ति आदि गुणों से मधुर ओर उदार हो