Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 69, Verse 9
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 69, verse 9 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 69 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
तस्मान्मामेनमपि च बोधयित्वा मुनीश्वर ।
आमहाकल्पसर्गादौ परमे पथि योजय ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे मुनीश्वर, इसलिए
मुझे ओर इन्हें भी बोध देकर उस परब्रह्म के मार्ग में लगाने की कृपा कीजिये, जो वैज्ञानिक
प्रलयतक के सारे संसारो का मूलभूत कारण है