Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Uttara (Liberation, Part 2), Sarga 81, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध), सर्ग 81, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
निर्वाण प्रकरण (उत्तरार्ध) · सर्ग 81 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
कालरात्रिरियं सेति मयानुमितदेहिका ।
काली भगवती सेयमितिनिर्णीतसज्जना ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
वह रूप देखकर मैंने उसकी देह का
अनुमान कर लिया कि हो न हो यह वही कालरात्रि है। अन्य सज्जन महानुभावो ने भी इसको “यह
भगवती काली है" यह निर्णय किया है