Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 11, Verse 8
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 11, verse 8 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 8
संस्कृत श्लोक
इत्युक्ते मुनिनाथेन राजा संपूर्णमानसः ।
प्राहिणोद्राममानेतुं भूयो दूतपरम्पराम् ॥ ८ ॥
हिन्दी अर्थ
मुनिश्रेष्ठ
श्रीविश्वामित्रजी के यों कहने पर राजा दशरथ का चित्त आह्वादित हो गया, उन्होने श्रीरामचन्द्रजी को
लाने के लिए फिर अन्य दूत भेजे