Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 12, Verse 15
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 12, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 12 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
किं मे राज्येन किं भोगैः कोऽहं किमिदमागतम् ।
यन्मिथ्यैवास्तु तन्मिथ्या कस्य नाम किमागतम् ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
मुझे राज्य से
क्या ? इन भोगों से क्या ? मैं कौन हूँ और किसलिए आया हू ? जो मिथ्या है, वह मिथ्या ही रहे, क्योकि
उसके मिथ्या होने से किसका क्या विगडनेवाला है ?