Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 19, Verse 11
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 19, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 19 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
बाल्यं रम्यमिति व्यर्थबुद्धयः कल्पयन्ति ये ।
तान्मूर्खपुरुषान्ब्रह्मन्धिगस्तु हृतचेतसः ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
ब्रह्मन्, बाल्यावस्था रमणीय (सुखमय) है, ऐसी जो लोग कल्पना करते हैं, वे सब दुर्बुद्धि हैं,
उन हतचित्त मूढबुद्धि लोगों को बार बार धिक्कार है