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Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 3, Verse 11

यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 3, verse 11 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।

वैराग्य प्रकरण · सर्ग 3 · श्लोक 11

संस्कृत श्लोक

वासना द्विविधा प्रोक्ता शुद्धा च मलिना तथा । मलिना जन्मनो हेतुः शुद्धा जन्मविनाशिनी ॥ ११ ॥

हिन्दी अर्थ

इस प्रकार उपोद्घात से उत्कृष्ट मुक्ति का वर्णन कर प्रस्तुत जीवन्मुक्ति को कहने की इच्छा से उसके वर्णन में अपेक्षित वासनाद्रैविध्य (वासना दो प्रकार की है, ऐसा) कहते है । वासना दो प्रकार की कही गई है शुद्ध ओर मलिन | मलिन वासना जन्म की कारण हे ओर शुद्ध वासना जन्म का नाश करती है ओर मोक्ष का साधन हे