Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 3, Verse 18
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 3, verse 18 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 3 · श्लोक 18
संस्कृत श्लोक
विद्यागृहाद्विनिष्क्रम्य रामो राजीवलोचनः ।
दिवसान्यनयद्गेहे लीलाभिरकुतोभयः ॥ १८ ॥
हिन्दी अर्थ
वत्स भरद्वाज ! राजीवलोचन श्रीरामचन्द्रजी ने गुरुकुल से लौटकर कुछ दिन
भाँति-भाँति की लीलाओं द्वारा निर्भय होकर अपने घर में ही बिताये