Yoga Vasistha — Vairagya Prakarana (Dispassion), Sarga 7, Verse 24
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के वैराग्य प्रकरण, सर्ग 7, verse 24 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
वैराग्य प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
अत्राप्यनुज्ञां काकुत्स्थ ददतां तव मन्त्रिणः ।
वसिष्ठप्रमुखाः सर्वे तेन रामं विसर्जय ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
अतएव हे महाराज, इस विषय में आपके वशिष्ठ आदि मन्त्री अनुमति
प्रदान करें । उनकी अनुज्ञा से आप रामचन्द्रजी को मेरे साथ भेजिए