Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 109, Verse 26
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 109, verse 26 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 109 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
सर्वशक्तेर्विचित्रा हि शक्तयः शतशो विधेः ।
यद्विवेकि मनोऽप्येष विमोहयति मायया ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
सर्वशक्तिशाली विधाता की सैंकड़ों विचित्र शक्तियाँ
हैँ, जिनसे विवेकशील मन को भी वे मन से मोहित करते हैं