Yoga Vasistha — Utpatti Prakarana (Creation), Sarga 11, Verse 15
यह पृष्ठ योगवासिष्ठ के उत्पत्ति प्रकरण, सर्ग 11, verse 15 का मूल संस्कृत श्लोक और उसका हिंदी अर्थ प्रस्तुत करता है।
उत्पत्ति प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
कारणाभावतः कार्यं नेदं तत्किंचनोदितम् ।
यत्तत्कारणमेवास्ति तदेवेत्थमवस्थितम् ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
परिणामी कारण न होने से यह
परिणामी कार्य नहीं है, अतः परिणामदुष्टि से यह कुछ उदित नहीं है, यद्यपि विवर्तदृष्टि से
विरूद्ध का भी आरोप हो सकता है, तथापि विवर्त का कारणभूत ब्रह्म ही जगत् रूपसे अवस्थित
है, अतः जगत् की कार्यरूप से पृथक् सत्ता नहीं है